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दूरसंचार सेवाएं
टेलीकॉम में, टीसीआईएल रणनीतिक और मूलभूत नियोजन, साध्यता अध्ययन, नेटवर्क डिज़ाइन और वास्तुकला, तकनीकी विनिर्देश, सुझावों के कार्यान्वयन में सेवाएं प्रदान करती है और संकल्पना निर्माण में सरकार/सार्वजनिक/निजी सेक्टर को सहयोग करती है और इन सभी के लिए पूर्ण टर्नकी समाधान/कार्यान्वयन सेवा प्रदान करती है। और पढ़ें....
सेटेलाइट संचार नेटवर्क्स
टीसीआईएल एचटीएस सेटेलाइट्स पर नवीनतम डीवीबी-एस2एक्स (और अन्य) का उपयोग करते हुए उच्च मानक आधारित वीसैट नेटवर्क्स, टीवी प्रसारण और सेटेलाइट अर्थ स्टेशनों के लिए परामर्शी और टर्नकी सेवाएं प्रदान करती है। और पढ़ें....
चित्र बाएं से दाएं: (1)सेनेगल में एचयूबी 9.2m एंटीना, (2) सेनेगल में सेटेलाइट उपकरण कक्ष, (3&4)डीसी एचयूबी
ऑप्टिकल फ़ाइबर एवं एफ़टीटीएच
भारत और सउदी अरब, ओमान, कुवैत, मॉरीशस और संयुक्त अरब अमिरात सहित दूसरे देशों में ओएफ़सी, एफ़टीटीएच, ओपीजीडब्ल्यू हेतु टर्नकी और परामर्शी परियोजनाएं। और पढ़ें....
सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएं
कार्यार्थी की विशिष्ट व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए टीसीआईएल नेटवर्क डिज़ाइन, सुरक्षा वास्तुकला, सू.प्रौ. अवसंरचनाओं में अनुकूलन अनुप्रयोग और उद्यम प्रबंधन, डेटा केंद्र, सुरक्षा निगरानी, आईसीटी शिक्षा, स्मार्ट सिटी, साइबर सुरक्षा डिसास्टर रिकवरी और विभिन्न समाधान टर्नकी आधार पर प्रदान करती है। और पढ़ें....
चित्र: टीसीआईएल मुख्यालय, नई दिल्ली का डेटा केंद्र
वास्तुकला एवं सिविल अनुभाग
टीसीआईएल का वास्तुकला अनुभाग एक विशिष्टताप्राप्त अनुभाग है जिसे हरित भवन प्रणालियों में विशेषज्ञता प्राप्त है। यह भारत और विदेशों में विविध प्रकार के सिविल कार्यों की डिज़ाइनिंग, नियोजन और निर्माण का कार्य करती है। और पढ़ें....
चित्र बाएं से दाएं: (1)पीएमसी, हैदराबाद (2)आईओसीएल रिफ़ाइनरी परियोजना (इंटीरियर),पारादीप((3)Mमिनी सचिवालय (न्यायिक खंड), एनयूएच(4)छात्रावास खंड, आईटीआई रायबरेली (5)फ़्लैट्स, चंडीगढ़।
दूर-शिक्षा एवं दूर-चिकित्सा
टीसीआईएल उत्तर प्रदेश, ओडीशा, रा.रा.क्षे. दिल्ली सरकार के लिए विभिन्न सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में आईसीटी एट स्कूल परियोजनाओं का कार्यान्वयन कर रही है।
साथ ही यह भारत सरकार की विभिन्न प्रतिष्ठित परियोजनाओं के तहत सार्क देशों और अफ्रीके 48 देशों के लिए भारत भर से विभिन्न अति विशिष्टताप्राप्त अस्पतालों से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का कार्य कर रही है। और पढ़ें....
चित्र: दूर-शिक्षा केंद्र (सार्क दूर-चिकित्सा एवं पैन-अफ्रीकी परियोजना)
इन-बिल्डिंग समाधान (आईबीएस)
इन-बिल्डिंग समाधान बेहतर कवरेज, बेहतर प्रभावशीलता, उत्पादकता और ग्राहक संतुष्टि प्रदान करते हैं जिसके चलते विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के व्यावसायिक लाभ और आय में वृद्धि हुई है। और पढ़ें....
ई-अभिशासन
ई-अभिशासन के माध्यम से विभिन्न सरकारी सेवाओं को प्रदान करना, सूचना का विनिमेय, संचार, लेनदेन और सरकार से नागरिक (जीटूसी), सरकार से व्यावसाय (जीटूबी) और सरकार से सरकार (जीटूजी) के बीच विभिन्न संपूर्ण प्रणालियों और सेवाओं का एकीकरण तथा संपूर्ण सरकारी ढांचे के भीतर पार्श्व कार्यालय प्रक्रियाओ और अंतरसंवाद आदि कार्य किए जा सकते हैं। और पढ़ें....
चित्र: सीसीटीएनएस परियोजना जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश
सौर ऊर्जा
टीसीआईएल को ईपीसी और आरईएससीओ मॉडल पर 1KW से लेकर 500MW तक सौर परियोजनाओं (ग्रिड कनेक्टिड/ऑफ़ ग्रिड ऊर्जा संयंत्र) का निष्पादन करने में विशेषज्ञता प्राप्त है। और पढ़ें....
दटेरेस्ट्रियल ट्रंक्ड रेडियो और डिजिटल मोबाइल रेडियो
टीसीआईएल डीएमआर और टेट्रा समाधान प्रदान करती है जिसमें ऑटोमैटिक पर्सनल लोकेशन पोज़िश्निंग सिस्टम के साथ एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, प्रमाणीकरण और एयर इंटरफ़ेस एन्क्रिप्शन शामिल है। और पढ़ें....
चित्र बाएं से दाएं: (1)वीडियो वॉल के साथ डिस्पैचर कक्ष (2)एमयूएक्स कक्ष और सर्वर कक्ष
दऑप्टिकल ग्राउंड वायर (ओपीजीडब्ल्यू )
टीसीआईएल अत्याधुनिक ओपीजीडब्ल्यू परामर्शी/निष्पादन सेवाएं प्रदान करती है तथा अपने अनुभव, विशेषज्ञताप्राप्त दल के माध्यम से टर्नकी परियोजनाओं का कार्यान्वयन करती है। ऐसी परियोजनाओं के कार्यान्वयन में अपनी व्यापक पारदर्शिता के साथ काम करने वाली टीसीआईएल इस क्षेत्र में अद्वित्तीय है। और पढ़ें....
चित्र बाएं से दाएं: (1) ओपीजीडब्ल्यू सिल्चर, असम में स्थापना कार्य (2)केबल परीक्षण (3)ओपीजीडब्ल्यू सिल्चर, असम
दूरसंचार सेवाएं
सेटेलाइट संचार नेटवर्क्स
ऑप्टिकल फ़ाइबर एवं एफ़टीटीएच
सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएं
वास्तुकला एवं सिविल अनुभाग
दूर-शिक्षा एवं दूर-चिकित्सा
इन-बिल्डिंग समाधान (आईबीएस)
ई-अभिशासन
सौर ऊर्जा
डीएमआर और टेट्रा
ओपीजीडब्ल्यू

टीसीआईएल के बारे में

टीसीआईएल दूरसंचार विभाग (डीओटी), संचार मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन एक पूर्ण स्वामित्व वाला भारत सरकार का सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है। एक प्रमुख इंजीनियरिंग और परामर्शी कंपनी के रूप में टीसीआईएल की स्थापना 1978 में दुनियाभर के विकासशील देशों में दूरसंचार, सिविल और सूचना प्रौद्योगिकी के सभी क्षेत्रों में भारतीय दूरसंचार विशेषज्ञता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। कंपनी को स्विचिंग, पारेषण प्रणालियों, सेल्युलर सेवाओं, ग्रामीण दूरसंचार, ऑप्टिकल फाइबर आधारित बैकबोन पारेषण प्रणालियों, सूचना प्रौद्योगिकी और नेटवर्किंग समाधानों, अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर, ई-अभिशासन, थ्रीजी नेटवर्क, वाईमैक्स प्रौद्योगिकी और सिविल अवसंरचना परियोजनाओं के कार्यान्वयन में विशेषज्ञता प्राप्त है।

दृष्‍टिपथ

"प्रौद्योगिकी में अवसरों का पूर्वानुमान करते हुए सूचना व संचार प्रौद्योगिकी, विद्युत और अवसंरचना क्षेत्रों में विश्‍वभर में समाधान प्रदान करने में उत्‍कृष्‍टता प्राप्‍त करना। "


लक्ष्‍य

"दूरसंचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र में टर्नकी आधार पर विश्‍वभर में संचार समाधान प्रदान करने में उत्‍कृष्‍टता प्राप्‍त करना और अग्रणी बने रहना तथा उत्‍कृष्‍ट अवसंरचना सुविधाएं प्रदान करते हुए विशेष रूप से उच्‍च प्रौद्योगिकीय क्षेत्रों में विविधीकरण करना । "

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का वक्तव्य

प्रिय शेयरधारक,
आपकी कंपनी की 40वी वार्षिक आम बैठक में मैं आप सभी का स्वागत करता हूं। मैं वित्त वर्ष 2017-18 के लिए आपकी कंपनी की 40वीं वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहा हूं जिसमें कंपनी की उपलब्धियों की विशेषताएं, लेखापरीक्षित वार्षिक लेखे, बोर्ड रिपोर्ट, स्वतंत्र लेखापरीक्षक की रिपोर्ट और भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की शून्य टिप्पणी शामिल है। इसकी प्रति आपको पहले ही भेजी जा चुकी है। आपकी अनुमति से मैं यह मान लेता हूं कि आपने इसे पढ़ लिया होगा।

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सूचना केंद्र

13-12-2018
श्री सी. रामाकृष्णा, महाप्रबंधक (बीडी एंड टीजी) के नेतृत्व में टीसीआईएल के एक दल ने दिनांक 30 नवम्बर, 2018 को ओबराय होटल में सीआईआई द्वारा आयोजित एक सत्र में भाग लिया जहां माननीय विदेश मामले एवं सहकारी मंत्री, मोजांबिक ने भी शिरकत की। दोपहर के सत्र के बाद रात्रि भोज का भी आयोजन किया गया जिसमें टीसीआईएल ने निदेशक तकनीकी ने भी भाग लिया तथा मोजांबिक के मंत्री से परस्पर विचार-विमर्श भी किया।

22-11-2018
टीसीआईएल ने मै. आशिष सेन कंसल्टिंग एंड कोचिंग, मुंबई द्वारा 27 से 29 नवम्बर, 2018 तक नई दिल्ली में आयोजित संवेदनात्मक प्रज्ञा एवं संवेदनात्मक कौशल निर्धारण प्रक्रिया (ईएसएपी) प्रमाणपत्र कार्यशाला में भाग लिया और अपने तीन वरिष्ठ अधिकारियों को इस कार्यशाला के लिए नामित किया।

15-11-2018
टीसीआईएल ने घरेलु स्तर पर निर्मित एयर वॉटर जेनेरेटर्स और मिनरलाइज़र्स की वैश्विक बाज़ार में आपूर्ति के लिए मैइथरी एक्वाटेक प्रा. लि. के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

13-11-2018
श्री इरेज़ शचर, उपाध्यक्ष (व्यापार विकास) औऱ श्री एहरॉन गेज़ॉफ़ मै. मैक्टेश आरएफ टेक्नोलॉजी, इस्राइल के साथ श्री रब्बी अब्राहम ड्यूश, प्रबंध निदेशक, प्रेसबर्ग इंडिया (मैक्टेश इस्राइल की भारत में स्थित एक शाखा) के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने दिनांक 06.11.2018 को टीसीआईएल भवन का दौरा किया और ड्रोन और आरएफ टेक्नोलॉजी जैसा सुरक्षा और हाइटैक क्षेत्रों में बावी सहयोग को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

04-11-2018
टीसीआईएल ने दिनांक 30 अक्टूबर से 1 नवम्बर 2018 तक विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित उच्च-शिक्षा शिखर सम्मेलन में भाग लिया।

03-11-2018
टीसीआईएल ने दिनांक 1 नवम्बर से 3 नवम्बर 2018 तक विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश में आयोजित टेलीमेडिकॉन, 2018 में भाग लिया. हमारे अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सम्मेलन के प्रतिष्ठित वक्ताओं में से एक थे. टीसीआईएल ने भारतीय टेलीमेडिसन सोसायटी द्वारा आवंटित किए गए एक स्टाल में अपनी सेवाओं को भी प्रदर्शित किया जहां श्री प्रथिपति पुला राव, उपभोक्ता मामले मंत्रालय, खाद्य एवं नागर आपूर्ति, आंध्र प्रदेश सरकार और डॉ. कमेनेनी श्रीनिवास, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री, आंध्र प्रदेश सरकार ने दौरा किया।

03-11-2018
श्री इरेज़ शचर, उपाध्यक्ष (व्यापार विकास) औऱ श्री एहरॉन गेज़ॉफ़ मै. मैक्टेश आरएफ टेक्नोलॉजी, इस्राइल के साथ श्री रब्बी अब्राहम ड्यूश, प्रबंध निदेशक, प्रेसबर्ग इंडिया (मैक्टेश इस्राइल की भारत में स्थित एक शाखा) के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने दिनांक 06.11.2018 को टीसीआईएल भवन का दौरा किया और ड्रोन और आरएफ टेक्नोलॉजी जैसा सुरक्षा और हाइटैक क्षेत्रों में बावी सहयोग को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

02-11-2018
टीसीआईएल और मै. एम.के. एरोमैटिक्स के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए जिसके तहत अपशिष्ट पदार्थ को हाइड्रोकार्बन डेरिवेटिव, और मूल्यवर्धित कच्चे माल एवं अन्य कच्चे माल में परिवर्तित किया जाना है। यह परियोजना स्वच्छ भारत अभियान को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अग्रणी कदम है जिसमें उत्सर्जन को कम करने और न्यून प्रदूषण वैकल्पिक ईंधनों को प्रोत्हासित करने में सहायता मिलेगी।

30-10-2018
दिनांक 25 से 27 अक्टूबर तक आयोजित किए गए इंडिया मोबाइल कांग्रेस में हमारे अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने निदेशक (तकनीकी) और निदेशक (परियोजना) की उपस्थिति में हमारे स्टाल का उद्घाटन किया।

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TCIL training at IIPA ... India-ASEAN Expo 2017 ... Telimedicon दसभी देखें
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Digital Readiness in the wave of Digitization - CMD, TCIL Speech